बस्तर

हमर हरियर-हरियर बस्तर आज लाल होवथे
गरीब ल मुरकेटे बर बड़हर मन के चाल होवथे
दंतेसवरी दाई! सुवारथ के सेवइया मन के सर्वनास कर
गोली खा-खाके बस्तरिहा चमगेदड़ी के खाल होवथे

ताकत अउ सियासत जंगल के धुर्रा बिगाड़ दिस
जंगल के दुलौरिन ल सहरिया हुंर्रा बिगाड़ दिस
करेजा फाटगे, फेर दाई के ऑंखी म ऑंसू के दुकाल होवथे
हमर हरियर-हरियर बस्तर आज लाल होवथे

बस्तर के बिकास बर, बजट के टुकना धरे सरकार हे
आने ह कहिथे, ये तो ऊंट के मुंह म जीरा ए, अउ दरकार हे
बस्तर के बिलई-मुसवा के खेल म साहेब मन मालामाल होवथे
हमर हरियर-हरियर बस्तर आज लाल होवथे

आज बस्तर के हर रूख-राई म बंदूक अड़े हे
फेर सब के सब कुंभकरन जइसे नींद म पड़े हे
गोली छूटिस, नींद टूटिस, त मिनट-मिनट के सवाल होवथे
हमर हरियर-हरियर बस्तर आज लाल होवथे

– लोकनाथ ललकार

Lalkar-1परिचय
नाम – लोकनाथ “ललकार”
माता-पिता – श्रीमती देवती साहू – श्री सुखदेव साहू
जन्मतिथि – 15 जून 1961, लखोली, राजनांदगंाव (छ.ग.)
योग्यता – एम.कॉम., एमबीए (पर्सनल मैनेजमेंट), एल.एल.बी., एम.ए. (हिन्दी)
सम्‍प्रति – मानव संसाधन कार्यपालक, भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड, कोरबा (छ.ग.)
अभिरूचि –
ओज की हिन्दी कविताओं एवं छत्तीसगढ़ी गीतों की प्रस्तुति
अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में काव्यपाठ
कोरिया (शहादत दिवस 23/3/2013),
दुर्ग (प्रेरणा बहुआयामी संस्था का वार्षिकोत्सव 19/6/2013),
भोपाल (निर्दलीय प्रकाशन का वार्षिकोत्सव 7/7/2013),
सुपेला, भिलाई (गुरूपुर्णिमा 22/7/2013),
राजिम (नई कलम साहित्यिक पत्रिका का वार्षिकोत्सव 15/9/2013),
अमलाई (शहडोल) (एस.ई.सी.एल. में राजभाषा पखवाड़ा समापन दिवस 28/9/13), बुढ़ार (शहडोल) (दुर्गोत्सव के अवसर पर 7/10/13),
सक्ती (रायगढ़) 18/1/14,
कोरबा (मजदूर दिवस 1 मई 2014)
प्रकाशन – (1) रंग विहार (हिन्दी-छत्तीसगढ़ी नाटक)
(2) काव्य संग्रह किरण (बालकोनगर), 21 वीं सदी के श्रेष्ठ हिन्दी कवि एवं कवयित्राी (नई दिल्ली), कोरबा के कवि (रायपुर), शब्दसूर्य (ग्वालियर), साहित्य दर्पण (दुर्ग), गुड़ेरिया (कोरबा), मन की आवाज (दुर्ग), साहित्य सरोवर (इंटरनेट संस्करण), सृजन-सुमन (कोरबा), जर्जर कश्ती (अलीगढ़), निर्दलीय (भोपाल), नई कलम (राजिम), चर्वणा (आगरा) ।
सम्मान – छ.ग. शासन, श्रम कल्याण मण्डल, रायपुर
– साहित्य रत्न 2006 (हिन्दी निबंध) एवं साहित्य विशारद 2006 (हिन्दी कहानी)
भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड, कोरबा
– नगर गौरव सम्मान 2006 एवं साहित्य साधना सम्मान 2007
कादम्बरी साहित्य परिषद, चिरमिरी हिल्स एवं लौ प्रकाशन, कुरासिया, कोरिया
– “ललकार” अलंकरण एवं हिन्दी विद्यारत्न भारती सम्मान 2013
सृजन साहित्य समिति, कोरबा
– गौर-गौरव सम्मान, 2013 (हिन्दी-छत्तीसगढ़ी नाटक “रंग-विहार” के लिए)
प्रेरणा बहुआयामी संस्था, दुर्ग
– निखिल शिखर सम्मान 2013 (ओजपूर्ण कविताओं के लिए)
निर्दलीय प्रकाशन, भोपाल
– राष्ट्रीय आंचलिक साहित्य शिखर सम्मान 2013
नई कलम, नवापारा-राजिम
– ओजपूर्ण कविताओं के लिए सम्मान
संपर्क – 106, टाईप-बी, सेक्टर-1, बालकोनगर, कोरबा (छ.ग.)
ई-मेल: [email protected] [email protected]
मोबाईल 099814 42332,

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One Thought to “बस्तर”

  1. shakuntala sharma

    बढिया लिखे हावस ग , लोकनाथ भाई । बस्तर के दुर्दशा हर हमर जी के जंजाल बन गय हावै । फेर अब नवा सरकार ह जरूर एकर समाधान निकालही , अइसे भरोसा हावय ।

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